मकर संक्रांति: तिल-गुड़ क्यों बनाया जाता है? 5 मुख्य कारण (2026)

Introduction : भारत में मकर संक्रांति एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन पर्व माना जाता है। यह त्योहार हर वर्ष 14 जनवरी के आसपास मनाया जाता है, जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस दिन तिल और गुड़ से बने व्यंजन विशेष रूप से बनाए और बांटे जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ ही क्यों बनाया जाता है? इसके पीछे धार्मिक, वैज्ञानिक और सामाजिक कारण छिपे हुए हैं। आइए जानते हैं इसके 5 मुख्य कारण।

मकर संक्रांति: तिल-गुड़ क्यों बनाया जाता है? 5 मुख्य कारण (2026)

मकर संक्रांति तिल गुड़ का महत्त्व

मकर संक्रांति: तिल-गुड़ क्यों बनाया जाता है? 5 मुख्य कारण (2026)

इस दिन लोग तिल गुड का प्रसाद बनकर एक दूसरे को देते है। अच्छा मकर संक्रांति इसलिए भी खास है क्योंकि लोग पतंग उड़ाते है, हर उम्र के लोगों को एक साथ लाने का काम करता है।

हमारे दिल्ली और उत्तर प्रदेश में तो मकर संक्रांति के त्यौहार खिचड़ी (Khichdi) का त्यौहार कहा जाता है। तिलगुड के लड्डू के साथ खिचड़ी का भंडारा या प्रसाद दिया जाता है। (Tilgul khao aur Khush raho) ऐसा बोला जाता है। कर्नाटक और महाराष्ट्र में इसे (Tilgul ghya God bola) जाता है। असम और उसके आस पास के राज्य में (Bihu Baat) बोला जाता है। तमिलनाडु में लोग (Ponga O Pongal) कहकर लोग एक दूसरे को बधाई देते है।

तिल गुड ही क्यों बनाया जाता है इस दिन ? जाने इसके पीछे की 5 वजह : Makar Sankranti

मकर संक्रांति पर तिल (Sesame seeds) और गुड (Jaggery) का प्रसाद और मिठाइयां बनाना प्राचीन ओर पवित्र प्रथा है, जो कई महत्व्पूर्ण कार्यों से जुड़ी हुई है।

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1. शारिरिक लाभ:

मकर संक्रांति का पर्व सर्दियों के मौसम में आता है। इस समय शरीर को अधिक ऊर्जा और गर्मी की आवश्यकता होती है।
  • तिल और गुड दोनों ही शक्तिशाली पदार्थ है, जो सर्दियों में मौसम में शरीर को गर्माहट और ऊर्जा प्रदान करते है।
  • गुड शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है, कर इम्युनिटी बढ़ाता है। और तिल में iron, calcium और healthy fats होते है।

2. धार्मिक महत्व:

हिंदू धर्म में तिल को पवित्र पदार्थ माना गया है। मान्यता है कि तिल का संबंध भगवान विष्णु और पितरों से होता है। मकर संक्रांति के दिन तिल का दान करने से पितृ दोष शांत होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • हिंदू धर्म के अनुसार, तिल पवित्र ओर शुद्धि का प्रतीक है। इसे खिलाना और दान करना पुण्य का कार्य माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान का अपना एक अलग ही महत्व होता है
  • गुड की मिठास प्रेम और समृद्धि का प्रतिम है। तिल और गुड मिलकर दोस्ती और एकता का संदेश देते है।

3. अध्यात्मिक महत्व:

मकर संक्रांति सूर्य देव को समर्पित पर्व है। सूर्य के उत्तरायण होने से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। तिल-गुड़ खाने से शरीर में गर्मी बनी रहती है, जिससे सूर्य की ऊर्जा को ग्रहण करने में सहायता मिलती है।
  • तिल को पवित्र और पाप नाशक माना जाता है। धार्मिक कार्यों में तिल प्रयोग दान और आत्मा की शुद्धि के लिए किया जाता हैं।
  • तिल गुड का भगवान को भोग लगाया जाता हैं, और प्रसाद के रूप में बाटा जाता हैं।

4. सांस्कृतिक महत्व:

  • तिल गुड से कई तरह की मिठाइयां बनाई जाती है। मकर संक्रांति के दिन प्रसाद के रूप में दी जाती है। जो व्यक्तियों के बीच प्रेम और अपनापन बढ़ता है।
  • महाराष्ट्र में एक प्रथा है: "Tilgul ghya, god god bola," जो सामाजिक एकता और मधुर संबंधों का प्रतीक है।

5. प्राकृतिक और कृषि संबंध:

मकर संक्रांति फसल कटाई का समय भी होता है।
  • मकर संक्रांति फसलों का त्यौहार है। तिल एक प्रमुख खरीफ फसल है, जो सर्दियों में भी उपलब्ध रहती है। इसका उपयोग कृषि से जोड़ना भी एक माध्यम है।
इसलिए ताजे तिल और गुड़ का उपयोग इस पर्व पर किया जाता है। यह पर्व किसानों के श्रम और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का भी प्रतीक है।
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FAQ :

Q.1. मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ का दान क्यों किया जाता है?

तिल-गुड़ का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

Q.2. क्या मकर संक्रांति हर साल एक ही दिन होती है?

अधिकतर यह पर्व 14 जनवरी को ही मनाया जाता है, कभी-कभी खगोलीय गणना के अनुसार 15 जनवरी को भी हो सकता है।

Q.3. क्या तिल-गुड़ सभी को खाना चाहिए?

हाँ, सामान्य स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए तिल-गुड़ अत्यंत लाभकारी होता है, लेकिन डायबिटीज के रोगी सीमित मात्रा में लें।

निष्कर्ष :

मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ बनाने की परंपरा केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि इसके पीछे धार्मिक विश्वास, स्वास्थ्य लाभ, सामाजिक संदेश और प्रकृति से जुड़ा गहरा अर्थ छिपा है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में मिठास, सकारात्मकता और आपसी प्रेम बनाए रखना कितना आवश्यक है। तिल और गुड का मिश्रण रूप हमे यह सिखाता है कि हर व्यक्ति को इसी तरह से मिलजुल कर रहना चाहिए। अपने जीवन में मधुरता और प्रेम का समावेश रख रखना चाहिए।

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