Education and Society (शिक्षा और समाज के बीच संबंध)

Introduction:

शिक्षा हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण आधार है। शिक्षा के द्वारा मनुष्य में ज्ञान की वृद्धि होती है और इस तरह उसके आचरण को एक नई दिशा मिलती है। शिक्षा वो कार्य है जो व्यक्ति  की आवश्यकता के अलावा उसे समाज में अन्य व्यक्तियों के साथ सामाजिक संबंध स्थापित करने में मदद करना और ऐसे अवसर प्रदान करना है जिससे की वह उन्नति कर सके।

शिक्षा और समाज 

माता - पिता से प्राप्त शिक्षा:

कहते है की एक बच्चे की पहली गुरु उसकी मां होती है। मां के गर्भ से ही बच्चे को सिख मिलने लगती है। इसलिए कहा जाता है की जब स्त्री गर्भवती होती है तो उसको गर्भ संस्कार सुनना चाहिए। बच्चे के अंदर संस्कार उसके माता पिता के द्वारा ही मिलता है। उसके उसी आचरण से उसका समाज उससे जुड़ सकता है। अगर कोई गलत व्यवहार करेगा तो हमारा समाज उसको अपनाएगा ही नहीं। इसलिए माता पिता ही उसके लिए Education and Society है

अध्यापक से प्राप्त शिक्षा और समाज:

स्कूल और कॉलेजों में हमे हर तरह के लोग मिलते है वो एक अलग और Educated Society होती है। यहां बहुत कुछ सीखने को मिलता है, और हमारे जीवन को एक मकसद (target) भी मिल जाता है। शिक्षा हमारी जिन्दगी का वो हिस्सा होता है, जो हमे सही और गलत की राह को बताता है, हम इस समाज में अपने हक से जुड़े हुए फैसले ले सकते है।

अगर शिक्षित ही नही रहेंगे तो इस समाज को अपना कैसे बना पाएंगे। शिक्षा के साथ ही हम इस समाज में संबंध स्थापित कर सकते है। Teachers भी अब बच्चो को हर तरह से शिक्षित कर रहे हैं, और बच्चों को चाहिए भी वो हर तरह से अपने questions का answer प्राप्त करे।

फिल्मों से प्राप्त शिक्षा और समाज :

सिनेमाघरों में कुछ फिल्में रिलीज होती है, उन्हें देख कर भी शिक्षा मिलती है, negative or positive अब ये हमे decide करना होता है की हमारे लिए क्या सही है उसको हमे अपने जीवन में apply करना चाहिए। क्योंकि ये भी एक समाज बनाता है, शिक्षा हमे समाज में सही और गलत पर सटीक निर्णय लेना सीखता है। पुरानी परंपराओं और कुरीतियों को गलत तरीके से किसी पर थोपना, उस पर हम अपनी आवाज को उठा सकते है।

Sex Education: इसकी भी जानकारी होनी चाहिए, ये भी हमारे समाज से जुड़ा है। बच्चो को स्कूलों और कॉलेजों में इसका भी ज्ञान दिया जाता है, पढ़ाया जाता है क्योंकि समय के साथ शारीरिक बदलाव देखने को मिलते है बच्चो में इच्छा जागृत होती है इसको समझने की। इसके बारे में बच्चो को पता रहेगा तो वह कोई भी गलती करने से पहले ही रुक जाएंगे। या फिर समाज में हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।

शिक्षा और समाज एक दूसरे को कैसे प्रभावित करते है?

एक शिक्षित समाज ही सभ्य समाज कहलाता है। शिक्षा समाज के सभी व्यक्तियों को इस योग्य बनाती है की वह समाज में व्याप्त समस्याओं कुरीतियों और गलत परम्परा के प्रति आलोचना कर सके। उनका एक उचित मार्गदर्शन कर सके। शिक्षा हम सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक उपकरण है। शिक्षा के इस उपकरण से हम कुछ भी हासिल कर सकते है, और समाज में एक अलग पहचान भी प्राप्त होती है।

शिक्षा का समाज में इसी तरह से एक बहुत बड़ा योगदान रहता है। हमारी शिक्षा के द्वारा ही पता चलता है कि हमारा आचरण कैसा है, हम एक सभ्य समाज का हिस्सा कैसे बन सकते है।

आधुनिक समाज और शिक्षा:

आधुनिक समाज में शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान है। और इस समाज को शिक्षित लोगो की ही आवश्यकता है। आधुनिक युग में शिक्षा और समाज के बीच अच्छा संबंध स्थापित रहने के लिए अब technical और skill को भी सीखना चाहिए। समय के साथ शिक्षा और समाज में परिवर्तन होता ही है।

उद्देश्य: शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तित्व के विकास के साथ ही समाज का विकास भी है। इसी के द्वारा हम शिक्षा और समाज के बीच एक अच्छा संबंध स्थापित कर सकते है।


Disclaimer: आज के इस artical में हमने शिक्षा और समाज के बीच संबंध के बारे मे बताया है। अगर कही गलती हो तो आप comment कर के बता सकते है।


Thanks

-Varsha

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