अटल बिहारी वाजपयी जयंती

Good Governance Day(2023):

भारत के इतिहास में 25 December की तारीख सिर्फ क्रिसमस डे के तौर पर ही नही मानते, बल्कि "सुशाशन दिवस" के रूप में भी मनाया जाता है। आज पूर्व प्रधानमंत्री रह चुके प्रसिद्ध आत्मा स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपयी जी की जयंती के रुप में भी मनाया जाता है।


आज अटल बिहारी वाजपयी की 99वीं जयंती है, ऐसे में आज के दिन हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं हमारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित देश भर में अटल बिहारी जी को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी :

हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने X पर twitt किया है, और अटल बिहारी जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि "देश के संपूर्ण परिवारजनों की ओर से मै पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपयी जी को उनकी 99 वीं जयंती पर हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे जीवन भर राष्ट्र निर्माण को गति देने में लगे रहे। देश भारत मां के प्रति उनका समर्पण वे सेवाभाव अमृतकाल तक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।"

अटल बिहारी वाजपयी क्यों प्रसिद्ध है?

भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता आदरणीय अटल बिहारी वाजपयी भारत देश के तीन बार प्रधानमंत्री बन चुके थे। ' सुशाषन दिवस' 23 दिसम्बर 2014 की याद में मनाया जाता है। जब अटल बिहारी जी पंडित मदन मोहन मालदीव (मरने के बाद) के साथ भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

सुविचार:

"क्या हार में, क्या जीत में
किंचित नही भयभीत मैं
कर्तव्य पथ पर जो भी मिला
यह भी सही वो भी सही
वरदान नहीं मांगूंगा
हो कुछ पर हार नहीं मानूंगा।"

- अटल बिहारी वाजपयी

कविता:

"बाधाएं आती हैं आएँ
घिरे प्रलय की घोर घटाएं
पावों के नीचे अंगारे
सिर पर बरसे यदि ज्वालाएं
निज हाथों में हंसते - हंसते
आज लगाकर जलना होगा
कदम बढ़ाकर चलना होगा।"

- अटल बिहारी वाजपयी  

निष्कर्ष:

आज मैने अपने इस ब्लॉग पोस्ट पर आदरणीय अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती पर कुछ लाइन लिखी है। अगर आपको इस पोस्ट में कुछ भी अच्छा लगा तो शेयर करें या नही लगा हो तो कृपया आप मुझे कमेंट करे ताकि वर्तमान में मैं इससे भी अधिक और अच्छा पोस्ट लिखूं।

Thanks

-Varsha Pandey

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